महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह में 63 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, बेटियों ने लहराया परचम

रोहित संवाद : रोहित मिश्रा राष्ट्रवादी संपादक
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी का 48वां दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के 63,183 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 41,000 छात्राएं तथा 22,183 छात्र शामिल रहे। इसके साथ ही 26 मेधावी विद्यार्थियों (20 छात्राएं एवं 6 छात्र) तथा दो उत्कृष्ट खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि छात्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन उनकी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बेटियां अपने ज्ञान और क्षमता के बल पर समाज तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

आंगनबाड़ी किट और एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत

समारोह के दौरान जनपद चंदौली के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी किट वितरित की गईं। जनवरी 2025 से अब तक 33,663 किट, जबकि जनसहयोग से पूरे प्रदेश में 69,443 किटों का वितरण किया जा चुका है।

इसके साथ ही वाराणसी एवं चंदौली में कार्यरत पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित 600 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया। राज्यपाल ने बताया कि जन भवन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के बीच हुए समझौते के तहत प्रदेश के आठ आकांक्षी जनपदों की लगभग 1.50 लाख बालिकाओं को 3 लाख निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन डोज उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस अभियान का शुभारंभ चंदौली से किया गया, जहां 20,316 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित है।

गांधीजी के आदर्श अपनाने का आह्वान

राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर उन्होंने पूरी दुनिया को नई दिशा दिखाई। उन्होंने विद्यार्थियों से गांधीजी के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

युवाओं के लिए प्रेरणा बने कैप्टन बी.के. त्यागी

समारोह के मुख्य अतिथि एवं शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन बी.के. त्यागी की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारी से लेकर संस्था के शीर्ष पद तक पहुंचकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय को शिपिंग क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए उनके साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।

श्रीधर राव को मानद डी.लिट.

तेलंगाना के प्रसिद्ध इकत बुनकर एवं श्री देवी हैंडलूम्स के संस्थापक वाई. श्रीधर राव को पारंपरिक हस्तशिल्प एवं हैंडलूम क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डी.लिट. की उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल ने कहा कि हस्तशिल्प और हैंडलूम हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं, जिनके संरक्षण में लगे लोगों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

शिक्षा, शोध और तकनीक में नवाचार की सराहना

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा क्रेडिट आधारित पाठ्यक्रम, सेमेस्टर प्रणाली, डिजिटल शिक्षा, ई-कंटेंट, वेबिनार और पेपरलेस प्रशासन जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समाजोपयोगी शोध, भारतीय ज्ञान परंपरा, योग, भारतीय दर्शन, संगीत चिकित्सा तथा आधुनिक तकनीक का समन्वय विश्वविद्यालय की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है।

जल संरक्षण और पर्यावरण का दिया संदेश

उन्होंने विद्यार्थियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "कैच द रेन" अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया तथा वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण पर बल दिया।

भारतीय ज्ञान परंपरा और एआई पर विशेष जोर

राज्यपाल ने भारत की समृद्ध पांडुलिपि परंपरा, ज्ञान भारतम् मिशन और भारतीय भाषाओं के संरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक और संस्कृति का समन्वय भारत की नई पहचान बन रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल तकनीक के उपभोक्ता नहीं बल्कि उसके सृजनकर्ता बनने का आह्वान किया, ताकि भारतीय भाषाओं, संस्कृति और समाज के लिए उपयोगी तकनीक विकसित की जा सके।

डिजिलॉकर और छात्र सुविधाओं पर निर्देश

राज्यपाल ने कहा कि सभी विद्यार्थियों की उपाधियां और अंकपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रावासों में वाई-फाई, वाशिंग मशीन, बेहतर भोजन, पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण, छात्राओं की सुरक्षा, अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने विश्वविद्यालय को नैक (NAAC) में ए++ ग्रेड तथा एनआईआरएफ रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य निर्धारित करने, शोध एवं प्रकाशनों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण, नवाचार तथा सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रेरित करने पर बल दिया।

समारोह में विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के चार शिक्षकों को उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों के विजेता विद्यार्थियों को भी कुलाधिपति द्वारा सम्मानित किया गया।




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