झारखंड के रांची में भाई-बहन के लापता होने के मामले में एनसीपीसीआर ने स्वतः संज्ञान लिया

  •  केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के कड़े निर्देश दिए

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नई दिल्ली । केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने रांची के मौसीबाड़ी से लापता दो बच्चों से संबंधित मामले की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के सदस्य सचिव के साथ बैठक की।

इससे पहलेकेंद्रीय मंत्री ने लापता बच्चों के घर जा कर उनके माता-पिता से मुलाकात की तथा उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)सुश्री तदाशा मिश्रा से फोन पर बात की और उन्हें लापता बच्चों को तुरंत ढूंढने के लिए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इन घटनाक्रमों के बादएनसीपीसीआर ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी कर बच्चों को जल्द से जल्द ढूंढने और नोटिस प्राप्त होने के पांच दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) जमा करने को कहा है।

एनसीपीसीआर के सदस्य सचिवडॉ. संजीव शर्मा ने भी रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी)श्री राकेश रंजन से बात की और जांच की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने एसएसपी से आग्रह किया कि जांच में तेजी लाई जाए ताकि बच्चों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और एनसीपीसीआर इस मामले की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और त्वरित कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।

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